Scene 1
Page 1 बर्नार्डः फ्रान्सिस्कश्चेति द्वारपालकौ प्रविशतः बर्नार्डः --- तत्र कः? फ्रान्सिस्कः --- नहि, त्वं कः? विरामय तथा स्वपरिचयं दद। बर्नार्डः --- जयतु राजा। फ्रान्सिस्कः --- बर्नार्डः किम्? बर्नार्डः --- आम्। फ्रान्सिस्कः --- यथासमयमागतवान्। बर्नार्डः --- इदानीं द्वादशवादनं भविष्यति। गृहं गत्वा निद्रां कुरु, फ्रान्सिस्क। फ्रान्सिस्कः --- मां गमयितुं कार्तज्ञं वितरामि। बहु शैत्यमस्ति। विषण्णोऽस्मि। बर्नार्डः --- नक्तं तूष्णीं वा? फ्रान्सिस्कः --- मूषबुक्कनमपि न श्रुतं मया। बर्नार्डः --- तर्हि शुभरात्रिः। होरातियं मार्सेलं च पश्यसि चेत् त्वरितव्यमिति तौ निवेदय। फ्रान्सिस्कः --- तयोरेव ध्वनिर्भवेत्। विरामः! तत्र कः ? होरातियो मार्सेलश्च प्रविशतः Page 2 होरातियः --- देशबन्धू स्वः । मार्सेल ः --- डानिनरेशस्य सेवकावपि। फ्रान्सिस्कः --- युवाभ्यामपि शुभरात्रिः। मार्सेलः --- पुनर्मिलामः। तव स्थाने को नियुक्तः? फ्रान्सिस्को निर्गच्छति मार्सेलः --- नमस्ते बर्नार्ड। बर्नार्डः --- नमस्ते होरातिय उपस्थितो वा? होरातियः -...